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हिंदी के प्रचार-प्रसार में हिंदी फिल्मों की भूमिका

किसी भी भाषा का महत्व केवल उसकी व्याकरण से नहीं हो सकता है उसके लिए समृद्ध साहित्य का होना नितांत आवश्यक है, साहित्य ही सिनेमा का द्वार खोलता है सिनेमा साहित्य की बैसाखी पर सवार होकर लोगों का मनोरंजन करता…

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दादू के प्रमुख पदों की सप्रसंग व्याख्या

पद 1 दादू नमो नमो निरंजन, नमस्कार गुरु देवतह। वंदनं श्रव साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ पद 2 एकै अधिर पीव का, सोई सति करि जांणि। राम नाम सत गुर कह्या, सो दादू परवांणि ॥ 2 ॥ पद 3…

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साहित्य की दुनिया और सरकारें

साहित्य और सरकारें समाज की दो प्रभावशाली शक्तियाँ हैं। एक ओर साहित्य मनुष्य की संवेदना, चेतना और विवेक का स्वर है, तो दूसरी ओर सरकारें शासन, व्यवस्था और नीति की प्रतिनिधि होती हैं। इतिहास साक्षी है कि जब-जब सत्ता ने…

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